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बच्चों की कहानियाँ, kids stories in hindi


बच्चों की कहानियाँ, kids stories in hindi


छोटे बच्चे कहानीया सुनना पसंद करते हैं फिर हमारा फर्ज बनता हैं की उन्हे ऐसी कहानी सुनाये जिससे उनको कोयी सिख मिले और कहानीयो से मिली सिख बच्चो को द्यान मे भी राहती हैं.  इसी बात को समजकर हम ने बच्चों की कहानियाँ, kids stories in hindi बनाये हैं जो की आपके बच्चो को अच्छी सिख देंगे और  आपको भी अच्छे लगेंगे.

 Kid stories in hindi,  बच्चों की कहानियाँ

1. छोटी आनंदी 

एक लडकी थी आनंदी जो की पढाई से दूर राहती थी उसे पढना अच्च नही लागत था क्यूकी वो जोभी पढती थी वो उसे ध्यान मे नही राहता था. स्कूल मे दिया हुआ होमवर्क वो पूरा नही करती थी और फिर उसे स्कूल मे डाट पडती थी.  एक दिन पढाई कर कर  नही आणे की वजह से उसे स्कूल के बाहर खडा राहणे की सजा मिली और आनंदी रोते हुये बाहर चाली गयी और  जंगल मे एक पेड के नीचे बैठ कर रोने लगी तभी वहा पर एक संन्यासी बाबा बैठे हुये थे उन्होने आनंदी को रोते देख उसके पास गये औऱ पछ क्या हुआ बेटा आनंदि ने सब ऊन बाबा को बताया की मुझसे पढाई नही हो पाती तबा ऊन संन्यासी बाबा ने कहा बेटा ये लड्डु लो और इसे खाणे के बाद तुम कुछ भी 1 या 2 बार पढोगी तो वो तुम्हे याद हो जाएगा.  आनंदी हस्ते हुये वो लड्डु खाकर घर आई और पुरे आत्मविश्वास से पडणे लगी अब उसे सब याद होणे लगा वो स्कूल मे होशीयार लाडकीयो मे आने लागी.
 असाल मे ऊस लड्डु मे कोयी जादू नही था ऊन संन्यासी बाबा को समाज आ गया था की इस लडकी को जरुरत हैं सिर्फ आत्मविश्वास की बाकी सब ये खुद कर लेंगी.
सिख = जो भी काम करो उसमे अपने आप पर भरोसा राखो,  खुद पर आत्मविश्वास ही सबसे बडी ताकद होती हैं.

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बच्चों की कहानियाँ, kids stories in hindi

2. सुरज और शेर 

एक गाओं था जहा पर सभी लोग एक दूसरे की मदत करते थे और उसी गाओं में एक लड़का  राहत था जिसका नाम था सूरज , सूरज के पास बोहत सारी  बकरिया थी सूरज उन्हें जंगल में चारा खिलने के लिए ले  जाता था , और सूरज लोगोकी मजाक उड़ने के लिए झुट बोलता था एक बार जंगल में बकरिया चराते वक्त चिल्लाने लगा  शेर ---- शेर -- शेर- सभी गाओं के लोग डरकर भागकर सूरज के  पास उसे देखने आये तभी सूरज हसने लगा , उसे लगा मैंने झुट बोलकर सभी को उल्लू बनाया।  और फिर अगले दिन भी  वैसे ही किया  भागते हुए अपना काम काज छोड़कर सूरज को देखने आये ,
और फिर एक दिन , सच में शेर आ आगया सूरज चिल्लाने लगा शेर शेर शेर गाओं के सभी लोग काम में लगे हुए थे  वो सोचने लगे येतो हमेशा झुट बोलता है जाने  दो कोई शेर नहीं आया , और अपना काम करने लगे  और उधर शेरने सूरज  २-३  बकरिया खाली

सिख  =  कभीभी किसीसे झूट नही बोलना चाहिये,  अगर आप किसी के नजर मे झुटे साबित होगये तो ओ हमेशा आपको झूटा ही समझेगा.

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बच्चों की कहानियाँ, kids stories in hindi

3. अजय और विजय 


बोहत साल पहले की कहाणी हैं. दो बोहत अच्छे दोस्त थे अजय और विजय  दोनो मेहनत करके कमाते, उनके गाव मे पाणी की कमी थी तो दोनो ने सोचा क्यू ना हम गाव मे पाणी भरके लाये और उसे बेचे दोनोंको ये आयडिया अच्च लागा और दोनो ने पाणी लाकर बेचना शुरु किया.
दिनभर मेहनत करनेके बाद दोनो थक जाते थे एक दिन विजय ने सोचा हम कितने दिनो तक ये काम कर सकते हैं जब हमारी उम्र हो जायेगी ताब हम ये काम नही कर पायेंगे. 
फिर विजय को एक तारिका सुझा उसने दुसरे ही दिन से नाली खोदना सुरु किया अजय को ये आयडिया बुरा लागा और ओ जैसे था वैसे ही शुरु रहा बल्की उस्का व्यापार बढ गया था अब उसके पास ज्यादा धन आ रहा था क्यूकी विजय ने पाणी लाना बंद कर दिया था वो अब पाईप लाईन लाने की सोच रहा था. और कुछ दिनो बाद उसकी पाईप लाईन्स पुरी हो गयी और फिर अब विजय मटका लेकर पाणी भरणे नदी पर नही जाना पडता अब वो एक जागह पर आराम से बैठ कर अपना व्यापार चालता हैं.  और अजय अभि भी उसी पुराणे तारिकेसे दिन मे 5-6  मटके पाणी बेचता हैं.  और अब विजय कितना भी पाणी बेच सकता हैं

सिख = जो भी काम कर रहे हो उसमे अपना कल देखो.  जो तुम आज कर रहे हो उस पर आपका कल तय होगा.

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बच्चों की कहानियाँ, kids stories in hindi

4. राजा और उनके सलाहगार 


एक राज्य था जहाँ के राजा श्री विक्रमसिंग महाराज थे जो की बोहत अच्छे से अपनी प्रजा का खयाल राखते थे, और ओ बोहत समजदार और वीर थे,  और उनका एक बेटा था विरभद्र सिंग जो की अपने पिता के बाद अपने राज्य के राजा होणे वाले थे.
विरभद्र बोहत फीट और तंदरुस्त थे वो हररोज कसरत करते थे, वो सभी कलाओ मे निपुण थे, उन्हे तलवार बाझी  घुडसवारी, और तीर चालणे मे निपुण थे. बाकी  सभी दुसरे राज्य के राजा उनसे डरते थे. जब महाराज विक्रम सिंग का अपनी उम्र होणे के कारण अपने राजभवन की जिम्मेदारी उनके बेटे विरभद्र को देणे का निर्णय लिया, उसके बाद महाराज विरभद्र बने अपने राज्य के राजा,  राजा बनने के बाद भी वो अपनी कसरत कारना और अपने शरीर के और ध्यान देना बंद नही किया वो राजा बनने के बाद भी तलवारबाझी, घुडसवारी, और बोहत खुछ करते थे, वो अच्छे से अपना राज चला रहे थे लेकिन राज्य मे कुछ लोग थे जो महाराज विरभद्र को सलाह देते राहते थे.  की आप राजा हैं आपको ये सब करणे की क्या आवश्यकता हैं.  आपतो राजा हैं खायी ये पियीये ऐश करिये.  आप अब राजा हैं, इन सभी लोगो की बातो मे राजा विरभद्र फस गये और फिर उन्होने धीरे धीरे  सब बंद कर दिया अब उनकी प्रकृती पहले जैसी नही रही थी अब उनका शरीर पहले से बडा और भारी हो गया था इतना बडा की अब उनसे जोरसे चला भी नही जाता था,  और फिर उनसे कोई राजा ज्यादा डरता भी नही था राजा को ये बात समज मे आ गयी, लेकिन अब देर हो गयी थी.  ये सब मेरे सलाह गार के वजह से हुआ और अब फिरसे अपना पहले जैसा होणे के लिये महाराज विरभद्र जूट गये और अपने सलाहगारो को भी बदल दिया लेकिन अब राजा को पहले जैसा होणे के लिये 3 गुना ज्यादा मेहनत कारनी पडती हैं. 

सिख = किसी की भी सलाह लेने से पहले वो हमारे लिये सही हैं या नही ये जान ले,
हर रोज सुबह कसरत कारना चाहिये एक बार आपका शरीर बढ गया तो उसे कम करणे मे डबल मेहनत करणी पडती हैं.

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बच्चों की कहानियाँ, kids stories in hindi बच्चों की कहानियाँ, kids stories in hindi Reviewed by vitthal mali on 11:07 PM Rating: 5

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